Hindi Poem : हद होती है नेतागिरी में नेता के गिरे जाने की

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Politicians ought to be inspiring people. Well, they did inspire me today into writing this 😀

हद होती है
चालाकियां चलाने की।
हद होती है
झूठ से बरगलाने की।
तुम्हारे वादे भी देखे
इरादे भी देखे।
शतरंज पर नाचते
तुम्हारे प्यादे भी देखे।
हद होती है
बिसात बिछाने की
हद होती है
सच को झुटलाने की।
नेता भी तुम
अभिनेता भी तुम।
हाथ जोड़े खरे
प्रपंच रचयिता भी तुम।
हद होती है
धर्म से अधर्म कराने की।
हद होती है
अपने ही देश को सुलगाने की।
हद होती है
जनता को नचाने की।
हद होती है
नेतागिरी में नेता के गिरे जाने की।
Copyright: 2019 Jyoti Arora

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